Followers


Click here for Myspace Layouts

Friday, October 1, 2010

The Joy You have To Share.......ਤੇਰੀ ਖੁਸ਼ੀ ਦੀ ਸਾਂਝ........तुम्हारी खुशी की सांझ....

















I love the way you take my hand 
and lead me through the rain
It's amazing how you make me laugh
so I don't feel the pain
A mother's love is 
the strongest type 
and.....
this you can't deny
Thank you for ...
always being my light
you are the perfect guide
I've never really thought about
how much " I love you" means
You've always found the time 
to listens my highs, lows and betweens
I'll never truly understand
how you have the energy to care
There is no doubt ...
I'll always respect....
the joy you have to share !!!

Supreet Sandhu ( Grade 6) 

ਮੈਂ ਧੰਨ ਹਾਂ ਮਾਂ
ਤੂੰ ਮੇਰੇ ਸਿਰ 'ਤੇ ਹੱਥ ਧਰਿਆ
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੇ ਝੱਖੜਾਂ-ਤੂਫ਼ਾਨਾਂ ਸੰਗ
ਨਜਿੱਠਣ ਦਾ ਹੱਲ ਘੜਿਆ
ਬਹੁਤ ਹੈਰਾਨ ਹਾਂ ਮੈਂ 
ਕਿਵੇਂ ਤੂੰ........
ਮੇਰੇ ਮਨ 'ਚ ਲਾ ਦਿੰਦੀ 
ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਵਹਿਣ.....
ਰੱਤੀ ਭਰ ਵੀ ਦਰਦ
ਨਾ ਦਿੰਦੀ ਤੂੰ ਮੈਨੂੰ ਸਹਿਣ
ਮਾਂ ਦਾ ਪਿਆਰ 
ਹੁੰਦਾ ਸਦਾ-ਬਹਾਰ
ਕੋਈ ਕਿਵੇਂ ਕਰ ਸਕੇ
ਏਸ ਗੱਲੋਂ ਇਨਕਾਰ
ਧੰਨਵਾਦ....ਧੰਨਵਾਦ ਮਾਂ ਤੇਰਾ
ਤੂੰ ਬਣੀ ਚਾਨਣ ਮੁਨਾਰਾ ਮੇਰਾ
ਮੈਂ  ਨਹੀਂ ਕਦੇ ਸੋਚਿਆ
' ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ ਪਿਆਰ ਕਰਦੀ ਹਾਂ'
ਇਹਨਾਂ ਸ਼ਬਦਾਂ 'ਚ ....
ਕਿੰਨਾ ਕੁ ਵਜ਼ਨ ਆ
ਮਾਂ ਤੇਰੇ ਕੋਲ਼ ਤਾਂ....
ਮੇਰੇ ਲਈ...
ਵਕਤ ਹੀ ਵਕਤ ਆ
ਤੂੰ ਮੇਰੀ ਹਰ ਗੱਲ ਸੁਣਦੀ
ਛੋਟੀ-ਵੱਡੀ ਹੋਵੇ....
ਚਾਹੇ ਹੋਵੇ ਕਿੰਨੀ ਵੀ ਬੇਤੁੱਕੀ
ਸੱਚ ਮੰਨੇ ਮੈਂ ਨੀ ਜਾਣਦੀ
ਐਨੀ ਸ਼ਕਤੀ ਤੈਨੂੰ ਕਿਥੋਂ ਮਿਲ਼ੀ
ਏਸ 'ਚ ਰੱਤੀ ਭਰ ਵੀ ਸ਼ੱਕ ਨੀ
ਮੇਰੇ ਦਿਲ 'ਚ ਸਦਾ
ਰਹੇਗਾ ਭਰਿਆ....
ਕਿੰਨਾ ਆਦਰ ਤੇ ਮਾਣ
ਓਨ੍ਹਾਂ ਸਾਰੀਆਂ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਲਈ
ਜੋ ਤੂੰ ਹੈ ਸਦਾ ਮੇਰੇ ਨਾਲ਼ ਵੰਡਦੀ !!!
ਸੁਪ੍ਰੀਤ ਸੰਧੂ ( ਛੇਵੀਂ ਜਮਾਤ) 
ਅਨੁਵਾਦ : ਹਰਦੀਪ ਕੌਰ ਸੰਧੂ

मैं धन्य हूँ माँ
तुमने मेरे सिर ऊपर
रखकर  हाथ......
ज़िन्दगी के तूफ़ानों संग
लड़ने का दिया समाधान
बहुत हूँ मैं हैरान.....
तुम मेरे मन में लगा देती
खुशियों  का झरना
ज़रा भी दर्द न
देती मुझे सहन करना
माँ का प्यार
होता है सदा-बहार
कैसे कोई करे
इस बात से इन्कार
धन्यवाद...धन्यवाद माँ तेरा
बनी हो तुम.....
रौशनी का मीनार मेरा
मैने  न सोचा कभी
'मैं तुम्हें प्यार करती हूँ'
इन शब्दों में 
कितना वज़न है
माँ तेरे पास तो....
मेरे लिए....
वक्त ही वक्त है
तू मेरी हर बात सुनती
छोटी-बड़ी हो... या
 हो कितनी भी बेतुक्की 
सच्च मानो....
मैं नहीं जानती
इतनी शक्ति माँ ....
तुम्हें कहाँ से है मिली
ज़रा भी नहीं सन्देह
माँ मुझे इस बात से
मेरे दिल में रहेगी
यह  श्रद्धा कितनी....
उन खुशियों के लिए
जो तू मेरे संग
रही  सदा बाँटती !!!
सुप्रीत संधु ( कक्षा : छठी )
 अनुवाद : हरदीप संधु

21 comments:

  1. माँ है हरदीप तो होगी ही दीप स्तम्भ ( रौशनी की मीनार) , आने वाले हर तूफ़ान में भटकते यान पा जाते हैं सही मार्ग सिर्फ़ 'दीप स्तम्भ ' के सहारे ।बेटी सुप्रीत आपकी यह कविता आपकी पहले की सभी कविताओं का अगला पायदान है । मैं इस कविता पर अगले हफ़्ते अपने ब्लॉग में लिखूँगा । कोटिश:शुभकामनाएँ

    ReplyDelete
  2. Supreet,
    Maa di ustat naal bhari eh kavita hai, Oh Maa hi hai duniya te jo har vele bacheya de dard nahin dekh sakdi, taiyon kenden ne "MAAVAAN THANDIYAAN CHHAVAAN" BADHAAYI.
    Surinder Ratti
    Mumbai

    ReplyDelete
  3. It is great Supreet .
    मां के प्रति बेटी के उदगार , बहुत खूबसूरती से पेश किये हैं । शाबास बिटिया ।

    ReplyDelete
  4. Its great. Supreet has talents. God bless.

    ReplyDelete
  5. अरे वाह!
    सुप्रीत संधु की कविता तो बहुत सुन्दर है!
    --
    इसकी चर्चा तो बाल चर्चा मंच पर भी है!
    http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/10/20.html

    ReplyDelete
  6. माँ तो माँ होती है...हमेशा ही अद्भुत!!

    बहुत सुन्दर रुप दिया है सच्चे भावों को. शाबास!

    ReplyDelete
  7. अरे वाह!
    सुप्रीत की कविता तो बहुत सुन्दर है.यहाँ दिल्ली में वेकेशन शुरू हो गया है तो लो इस पर एक पोस्ट तुम्हे लिख रही हूँ

    vacation

    The best thing

    God has given us,

    Is the vacation

    Long long never ending

    Ever ending,

    Is the vacition

    Late nights,late mornings

    Every where,

    Is the vacation

    Meeting time

    with grand parents,great friends,

    Is the vacation

    No books no hooks

    Total enjoyment,

    Is the vacation

    To share the sorrow

    The books to borrow,

    Is the vacation

    On May which starts

    On June which ends,

    Is the vacation

    Today when school reopened

    I realised the reason for

    All freshness and happiness,

    Is the vacation

    ReplyDelete
  8. Supreet- This is precious! You are so talented....just like your mom!


    ਸਰਦ ਠੰਡੀਆਂ ਰਾਤਾਂ ਵਿਚ ਇਕ ਧੁੱਪ ਜਹੀ
    ਸਿਖ਼ਰ ਦੁਪਹ‌ਿਰਾਂ ਵਿਚ ਬਣ ਜਾਵੇ ਇਕ ਰੁੱਖ ਜਹੀ
    ਐਸੀ ਹੀ ਹੈ ਮੇਰੀ ਮਾਂ ਕਦੇ ਧੁੱਪ ਤੇ ਕਦੇ ਠੰਡੀ ਛਾਂ...

    ReplyDelete
  9. बहुत सुन्दर भाव के साथ शानदार रचना! बेहद पसंद आया! अंग्रेजी, पंजाबी और हिंदी तीनों में लिखी हुई कविता प्रशंग्सनीय है!

    ReplyDelete
  10. Wow you have written so well here dear :) keep it up

    ReplyDelete
  11. ਸੁਪ੍ਰੀਤ,ਬੇਟੇ ਤੁਸੀਂ ਮਾਂ ਬੇਟੀ ਦੇ ਮਹਾਨ ਰਿਸ਼ਤੇ ਬਾਰੇ ਲਿਖ ਕੇ ਇਸ ਦੀ ਮਹਾਨਤਾ ਨੂੰ ਕਿੰਨਾ ਸਹੀ ਪਛਾਣਿਆ ਹੈ। ਤੁਸੀਂ ਛੋਟੀ ਉਮਰੇ ਹੀ ਕਮਾਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ।ਅੱਗੇ ਜਾ ਕੇ ਤੁਸੀਂ ਕੋਈ ਮਹਾਨ ਕੰਮ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਹੋ,ਪੱਕੀ ਗੱਲ ਹੈ।ਸਾਡੀਆਂ ਅਸ਼ੀਰਵਾਦਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਰਹਿਣਗੀਆਂ।

    ReplyDelete
  12. बहुत खूबसूरती से अपने मन के भाव लिखे हैं माँ के प्रति ....

    सुन्दर ..

    ReplyDelete
  13. बहुत ही सुंदर भाव व्यक्त कर रही है आपकी यह कविता ...अनुवाद भी सुंदर बन पड़ा है । सुप्रीत ऐसा ही सुंदर-सुंदर लिखती रहो ।

    ReplyDelete
  14. Hi Supreet !!

    a wonderful,,,
    wonderful,, great poem...
    the explaination therein
    is very convincing and articulate...
    anything and everything
    anywhere and everywhere written on/for 'mother'
    is undoubtedly very very precious
    and... you are fortunate to have such a
    great wonderful mom..
    and so is your mom ... !!
    isnt it...??


    on such your nice accomplishments
    i wish to send my compliments
    you do have twang of thoughtfulness
    have great ideas with words less

    C O N G R A T S

    ReplyDelete
  15. बहुत ही सुन्दर और भावपूर्ण कविता----।

    ReplyDelete
  16. Beta Supreet you have done a wonderful job ! It is very beautiful poem on mother daughter relationship. Keep it up ! very good job !

    ReplyDelete
  17. It is very beautiful and emotional poem.Your poem bring me into tears:)Such a nice poem.Keep it up!

    ReplyDelete
  18. सुप्रीत , बहुत-बहुत बधाई...पंजाबी तो मैं पढ़ नहीं सकती , पर हिन्दी और अंग्रेजी में तुम्हारी लेखनी मन को भा गई...। तुम जितनी छोटी बच्ची माँ के बारे में अभी से इतना सोचती-समझती है ...शाबाश...। वैसे भी बेटियाँ माँ के ज्यादा करीब भी होती हैं और उन्हें अच्छे से समझती भी हैं...। ऐसे ही उन्नति करती रहो , यही मेरी शुभकामना और मेरा आशीर्वाद...

    ReplyDelete
  19. बहुत बहुत बहुत सुंदर कविता है ,इतनी छोटी सी बिटिया और इतनी प्यारी बातें???
    ख़ूब लिखो ,लिखती रहो ,हम सब का आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है

    ReplyDelete
  20. आपने तो बहुत ही प्यारी कविता लिखी है... दीदी...

    ReplyDelete